10th 12th Board New Rule : मध्य प्रदेश के लाखों छात्र का इंतजार हुआ खत्म क्योंकि 12वीं बोर्ड की रिजल्ट की घोषणा कर दी गई है इस साल एमपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 76.22 प्रतिशत और 12वी 74.28 प्रतिशत दिया गया बोर्ड की परीक्षाओं और ज्यादा बेहतर करने के लिए छात्र एवं छात्राओं की खुशी में लहर उठी है दूसरी तरफ बोर्ड ने उन सभी छात्र एवं छात्राओं में मायूसी छाई है जो परीक्षा में अच्छा रैंक नहीं लाए हैं हालांकि एमपी बोर्ड ने ऐसे छात्र एवं छात्राओं के लिए व्यवस्था की है जो कि इस बार असफल हो गए हैं ऐसे छात्रों को पूरे साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि 17 जून से फ्री एग्जाम का योजना किया जा रहा है। जिससे उन्हें अपना जुनून दिखाने का दोबारा से मौका मिलेगा इस नियमों को लागू करने वाला मध्य प्रदेश इस चीज के लिए तीसरा राज्य बनेगा।
कौन दे सकेंगे द्वारा परीक्षा
मध्य प्रदेश बोर्ड के छात्र एवं छात्राओं को राहत देते हुए उनके लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया है इसके तहत 10वीं और 12वीं बोर्ड के परीक्षाओं में असफल होने वाले छात्र एवं छात्राओं को बोर्ड क्लासेस पास करने के लिए अगले साल जाने की इसके अगले साल तक प्रतीक्षा नहीं करनी होगी दरअसल नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत जुलाई और अगस्त मैं सभी सब्जेक्ट के लिए दोबारा से परीक्षा का योजना किया जा रहा है बोर्ड के इस कदम से जिन विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं में असफल हो गए थे उन स्टूडेंटों के लिए इसी अकैडमी में फिर से परीक्षा देकर पास होने का दोबारा से मौका मिलेगा जिससे उनका एक साल और बर्बाद ना हो।
परीक्षा को लेकर आया बड़े बदलाव
अब परीक्षा का व्यवस्था खत्म कर दिया गया है और मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं परीक्षा के लिए साल में दो बार आयोजन किया जाएगा फिर फरवरी और मार्च में और उसके बाद दूसरी जुलाई में स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा मंडल विनियम 1965 संशोधन का व्यवस्था लागू कर दिया गया है जो छात्र माध्यमिक शिक्षा मंडल हाई स्कूल और हायर अकादमी की पहले वाले परीक्षा में फेल हो चुके हैं अथवा अनुपस्थित रहे या अपने स्कोर बेहतर करना चाहते हैं वह दोबारा से परीक्षा दे पाए।
इससे पहले क्या नियम था
इससे पहले एमपी बोर्ड में केवल ऐसे स्टूडेंट को सप्लीमेंट्री एग्जाम में शामिल होने का मौका मिलता था जिनका एक विषय फेल होता था ऐसे छात्राओं को रुक जाना नहीं योजना के तहत मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड के द्वारा परीक्षा देने की आवश्यकता होती थी लेकिन अब कई सब्जेक्ट में फेल हुए छात्र एवं छात्राओं भी मुख्य बोर्ड के द्वारा आयोजित किए जाने वाले एग्जाम में शामिल हो सकते हैं।